{Napunsakta} नपुंसकता का उपचार, इलाज, दवा और मुख्य कारण

नपुंसकता का उपचार करने की दवा, घरेलू इलाज और कारण

आज के समय में नपुंसकता बहुत तेजी से फैलती हुई बिमारी है| आंकड़ों के अनुसार, युवा वर्ग के लोग भी नपुंसकता का शिकार हो रहे हैं| नपुंसकता का इलाज करने के लिए हमेशा प्राकृतिक और घरेलू औषधियों का ही इस्तेमाल करना चाहिए| आज लोग नपुंसकता को ठीक करने के लिए लाखों रूपये खर्च करने को तैयार हैं परन्तु उनको सही इलाज कहीं नहीं मिल पाता|

Napunsakta Ka Ilaj Kaise Kare

नपुंसकता क्या है, विस्तार से जानें

नपुंसकता यौन समस्याओं से जुड़ी बिमारी का नाम है| नपुंसकता का शिकार व्यक्ति प्रजनन करने में असमर्थ होता है अर्थात वह शारीरिक सम्बन्ध बनाने में कठिनाई महसूस करता है| यूँ तो, नपुंसकता स्त्री और पुरुष दोनों को हो सकती है परन्तु यह बीमारी पुरुषों में ज्यादा पायी जाती है|

जब कोई व्यक्ति शारीरिक सम्बन्ध बनाता है तो उसके यौनांग में रक्त का प्रवाह तेजी से बढ़ जाता है जिसकी वजह से यौनांग के रुधिर कोटरों में रक्त भर जाता है और यौनांग उत्तेजित हो जाता है और व्यक्ति सफलता पूर्वक सम्बन्ध बना पाता है|

नपुंसक व्यक्ति के यौनांगों में रक्त का प्रवाह सही प्रकार से नहीं हो पाता जिसकी वजह से उत्तेजना नहीं आ पाती और अगर उत्तेजना आती भी है तो कुछ सेकेण्ड में ही फिर से खत्म हो जाती है क्यूंकि आपके यौनांग, रक्त को रोके रखने में समर्थ नहीं हो पाते| कई बार स्थिति इतनी भयावह भी हो जाती है कि लोगों को उत्तेजना महसूस होनी ही बंद हो जाती है|

नपुंसकता में व्यक्ति के यौनांगों में उत्तेजना का अभाव हो जाता है और वह सम्बन्ध बनाने में असमर्थ हो जाता है| पहले यह बीमारी 50 वर्ष से ज्यादा आयु वाले पुरुषों में देखने को मिलती थी लेकिन आज युवा वर्ग के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं|

नपुंसकता के प्रकार

सभी लोगों की नपुंसकता एक जैसी नहीं होती, सभी लोगों के अलग- अलग अनुभव होते हैं| लोगों के अनुभवों के आधार पर नपुंसकता को दो भागों में बांटा जाता है –

1. मानसिक नपुंसकता
2. शारीरिक नपुंसकता

मानसिक नपुंसकता – इस प्रकार की नपुंसकता में लोगों को किसी व्यक्तिगण कारणों से ऐसा भ्रम हो जाता है कि वह नपुंसक है जिसकी वजह से उसके मन में डर पैदा हो जाता है और वह सच में शारीरिक सम्बन्ध बनाने में असमर्थ हो जाता है|

अक्सर कुछ गलत संगति के मित्र, शारीरिक सबंधों को लेकर विचित्र तरह की बेवकूफी भरी बातें बता देते हैं जिसकी वजह से लोगों के मन में एक डर बैठ जाता है और यही डर उनकी उत्तेजना पर हावी हो जाता है जिसका नतीजा मानसिक नपुंसकता को जन्म देता है|

एक सर्वे के अनुसार, 90% लोगों की नपुंसकता मानसिक ही होती है|

शारीरिक नपुंसकता – इस प्रकार की नपुंसकता में व्यक्ति के यौनांग कमजोर हो जाते हैं और व्यक्ति शारीरिक रुप से संबंध बनाने में सचमुच असमर्थ हो जाता है| हालाँकि यह समस्या बहुत ही कम लोगों में पायी जाती है|

मेरी नपुंसकता शारीरिक है या मानसिक ? कैसे जानें ?

अगर आप नपुंसकता का शिकार हैं और आप जानना चाहते हैं कि आपकी नपुंसकता शारीरिक है या फिर मानसिक तो इसके लिए छोटा सा घरेलू टेस्ट है जिससे आप आसानी से खुद की जांच कर सकते हैं –

जब आप सुबह सोकर उठें तो देखें कि क्या आपके यौनांगों में तनाव आया हुआ है? क्यूंकि सुबह उठते समय अधिकतर लोगों के यौनांगों में तनाव आता ही आता है इसमें कोई दोराय नहीं है| अगर आपके यौनांग में तनाव आता है तो इसका अर्थ है कि आप शारीरिक रूप से एकदम स्वस्थ हैं और आपकी समस्या केवल मानसिक है|

अगर तनाव नहीं है तो आपको डॉक्टर के पास जाकर अपना टेस्ट कराना चाहिए क्यूंकि आपकी समस्या शारीरिक हो सकती है|

नपुसंकता का कारण

आजकल की अनियमित जीवनशैली और तनाव भरी जिंदगी की वजह से लोगों के अंदर कई प्रकार की बीमारी का वास हो रहा है जिसमें नपुंसकता भी प्रमुख है| इस बीमारी से लड़ने के लिए सबसे ज्यादा जरुरी है कि इसके कारणों को जानें ताकि समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके –

मानसिक तनाव – जो लोग बहुत अधिक टेंशन में रहते हैं उनके शरीर में रक्त का प्रवाह असंतुलित हो जाता है| जी हाँ टेंशन, नपुंसकता का सबसे बड़ा कारण है और जब व्यक्ति नपुंसक हो जाता है तो वह और भी ज्यादा डिप्रेशन में रहने लगता है यानि समस्या दिन प्रतिदिन और बढ़ती जाती है|

अश्लील फ़िल्में देखना – आज के दौर में इंटरनेट हर किसी के पास है| आप कहीं भी, कभी भी इंटरनेट पर अश्लीस सामग्री सर्च कर सकते हैं और ख़ास बात यह है कि ये सभी सामग्री बिना की प्राइवेसी और रोकटोक के धड़ल्ले से उपलब्ध है|

बहुत कम उम्र में ही लोग इंटरनेट पर ऐसी फ़िल्में देखने लगते हैं अर्थात जो अनुभव उन्हें शादी के बाद युवावस्था में होना था वो उन्होंने अभी अनुभव कर लिया| इस कारण से उनमें शारीरिक संबंधो के प्रति अनिच्छा होने लगती है| यही अनिच्छा आगे चलकर नपुंसकता को जन्म देती है|

नशा करना – आजकल धूम्रपान और शराब आदि का सेवन करना लोगों का शौक बनता जा रहा है और कुछ लोग तो कहते हैं कि शराब पीने के बाद वह खुद को ज्यादा उत्तेजित महसूस करते हैं परन्तु यही शराब और नशे की आदत आपको अंदर ही अंदर खोखला बना रही है| नशे का सीधा असर यौनांगों की नसों पर पड़ता है और वह कमजोर हो जाती हैं|

डायबिटीज – भारत में डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है और जितनी तेजी से डायबिटीज बढ़ती जा रही है उतनी ही तेजी से लोगों में नपुंसकता भी बढ़ती जा रही है| डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति के रक्त में ग्लूकोज मिला होता है जिसकी वजह से पर्याप्त रक्त “रुधिर कोटरों” तक नहीं पहुँच पाता और व्यक्ति के यौनांगों में उत्तेजना का संचार नहीं हो पाता| अगर आपको डायबिटीज है तो यकीनन आपको नपुंसकता भी अपनी चपेट में ले लेगी|

हार्मोन्स की गड़बड़ी – हमारे शरीर में एक “टेस्ट्रोस्ट्रॉन” नाम का हार्मोन होता है जो व्यक्ति के शरीर को बलशाली बनाने में मदद करता है और यही हार्मोन व्यक्ति की यौन इच्छा के लिए भी जिम्मेदार होता है| जिस व्यक्ति के शरीर में टेस्ट्रोस्ट्रॉन की कमी हो जाती है उसमें नपुंसकता के लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं|

इसे पढ़ें – टेस्ट्रोस्ट्रॉन बढ़ाने के उपाय

डिप्रेशन या डर होना – कुछ लोगों के मन में शारीरिक संबंधों को लेकर गलत धारणाएं बैठ जाती हैं जिसकी वजह से उन्हें इससे डर लगने लगता है| उनको लगता है कि वह शादी के बाद पत्नी को संतुष्ट नहीं कर पाएंगे और यही डर बाद में डिप्रेशन बन जाता है और नपुंसकता का जन्म होता है|

बचपन की गलतियां – बचपन में सभी लोग नासमझ होते हैं, उनको यह नहीं पता होता कि ईश्वर ने हमें यह इंद्रियां कुछ विशिष्ट कार्य के लिए प्रदान की हैं| अतः इनका दुरूपयोग ना किया जाये, परन्तु लोग अनजाने में बचपन में बहुत अधिक वीर्य नष्ट कर देते हैं जिसकी वजह से भी यौनांगों में समस्याएं हो जाती हैं| हालाँकि हर व्यक्ति बचपन में ऐसा करता है परन्तु किसी चीज़ की ज्यादती तो हमेशा नुकसानदायक ही सिद्ध होती है|

यौन संचरित रोग – कई लोग पराई स्त्रियों के पास जाकर असुरक्षित सम्बन्ध बना लेते हैं जिसकी वजह से उनको कोई यौन संचरित रोग हो जाता है| शुरुआत में इसका पता नहीं चलता परन्तु धीरे धीरे इसके परिणाम आने शुरू हो जाते हैं|

नींद ना लेना – जी हाँ, आपकी शारीरिक क्षमता पूरी तरह आपकी नींद पर निर्भर करती है| जब हम सोते हैं तो पूरे शरीर को आराम मिलता है, जो कोशिकाएं नष्ट हुई होती हैं उनका फिर से निर्माण शुरू होता है अर्थात पूरे शरीर में ऊर्जा बनने लगती है|

अगर आप नींद पूरी नहीं लेंगे तो यकीनन आप नपुंसकता के शिकार हो जायेंगे क्यूंकि आपकी इन्द्रियों को भरपूर आराम नहीं मिला है जितना उनको चाहिए और याद रखिये सोते समय ही हमारे शरीर में टेस्ट्रोस्ट्रॉन नाम के हार्मोन का निर्माण होता है जो अच्छे शारीरिक संबंधों के लिए बहुत जरुरी है|

उत्तेजक दवाइयों का सेवन करना – आजकल गाँव हो या शहर.. हर जगह की दीवारें तरह- तरह के विज्ञापनों से पुती हुई नजर आती हैं| सब पर एक ही बात देखते को मिलती है “नपुंसकता का गारंटीड इलाज” कोई कुछ लिखता है तो कोई कुछ….

मित्रों इन सभी लोगों के पास कोई प्रामाणिक दवाई नहीं होती है परन्तु हताश व्यक्ति ऐसे लोगों के चक्करों में फंस जाता है और हजारों रूपये खर्च करके इनसे दवा ले लेता है| यह दवाएं ना जाने आपके यौनांगों पर कैसे- कैसे प्रभाव डालेंगी ये तो ईश्वर ही जानें| इन अनसेफ दवाइयों का सेवन ना करें और किसी स्पेशलिस्ट डॉक्टर से मिलकर परामर्श लें|

अगर आप किसी से दवाई लेते भी हैं तो पहले उसे अपनी समस्या बताएं और उससे सलाह लें, अपने सवाल भी करें| अगर आप उसकी बातों से संतुष्ट होते हैं तो ही उपचार की बात करें|

ब्लड प्रेशर की शिकायत होना – जिन लोगों को ब्लड प्रेशर की बीमारी है उनका रक्त प्रवाह बेहद खराब हो जाता है| शरीर में रक्त का संचरण सही ना होने से रक्त यौनांगों तक नहीं पहुँच पाता और नपुंसकता का अनुभव होने लगता है|

खानपान में पोषक तत्वों की कमी – पुराने समय में लोग घी, दूध, मक्खन, दही, गुड़ आदि कई प्रकार के पौष्टिक आहार रोजाना खाया करते थे| लेकिन आज के समय में पिज्जा, बर्गर और फ़ास्ट फ़ूड लोगों की पहली पसंद हो गयी है| खानपान में पहले की तरह गुणवत्ता अब रही ही नहीं है जिसके कारण हमारे शरीर को भरपूर पोषण नहीं मिल पाता और शरीर की कार्य करने की क्षमता भी घटती जाती है|

हमारे खराब खानपान का सीधा असर हमारी इन्द्रियों पर भी पड़ता है उनकी कार्य करने की क्षमता बहुत कम हो जाती है, अतः अपने भोजन में पौष्टिक तत्वों को लेना शुरू करें|

अधिक देर तक कम्प्यूटर पर काम करना – एक सर्वे में पाया गया है कि जो लोग बहुत अधिक समय तक कम्प्यूटर पर कार्य करते हैं उनके नपुंसक होने के चांस बहुत अधिक बढ़ जाते हैं| कम्प्यूटर पर बैठकर कार्य करने वाले व्यक्ति की नींद भी कम हो जाती है और टेस्ट्रोस्ट्रॉन का निर्माण होना भी कम हो जाता है|

साथ ही जो व्यक्ति लैपटॉप को गोद में रखकर कार्य करते हैं उनको भी नपुंसकता का खतरा रहता है क्यूंकि लैपटॉप के अंदर से गर्मी निकलती है और वह गर्मी आपके अंडकोषों के लिए बहुत हानिकारक है| लैपटॉप से निकलने वाली गर्मी शुक्राणुओं को मृत कर देती है इसलिए कभी भी लैपटॉप को गोद में रखकर कार्य ना करें|

महत्वपूर्ण निष्कर्ष

सबसे ख़ास बात यह है कि नपुंसकता कोई एक दिन में नहीं होती यह धीरे धीरे कई वर्षों से आपको खोखला बनाती आती है और जब परिणाम गभीर हो जाते हैं तब इंसान सचेत होता है| जब भी आप तनाव में होते हैं या अश्लील सिनेमा देखते हैं या फिर ऊपर बताये कोई भी कारण का सामना करते हैं तो आपके शरीर में टेस्ट्रोस्ट्रॉन का बनना कम हो जाता है जिसकी वजह से डोपामिन नामक हार्मोन भी सही से कार्य नहीं करता और ऐसे ही चीज़ें असंतुलित होती चली जाती हैं|

अब कुछ वर्ष बाद जब आपको इस बीमारी का पता चलता है तो आपको लगता है कि ऐसे कैसे हो गया लेकिन ये काफी पहले से आपके शरीर के अंदर पल रही होती है| अतः आज ही अभी से अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत हो जाइये ताकि आगे आपको निराश ना होना पड़े|

नपुंसकता का इलाज

अगर आप नपुंसकता का शिकार हो गए हैं तो भी आपको बिल्कुल भी घबराने की जरुरत नहीं है क्यूंकि नपुंसकता के कई अच्छे घरेलू इलाज उपलब्ध हैं –

संतोष – जी हाँ, नपुंसकता का सबसे बड़ा उपचार है “स्वयं पर नियंत्रण”….अगर आप स्वयं पर नियंत्रण कर सकते हैं तो आपको किसी भी दवाई का सेवन करने की जरुरत नहीं है| आप संतोष रखिये, मन में शुद्ध विचार रहिये देखिये कुछ ही महीनों में आपको बहुत ही अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे|

बादाम, मुनक्का, किशमिश का सेवन – ड्राई फूड्स में नपुंसकता से लड़ने की क्षमता होती है| खासकर, बादाम, मुनक्का और किशमिश तो ऊर्जा के भंडार हैं| रात को 4 बादाम, 8 किशमिश और 4 मुनक्का पानी में भिगोकर छोड़ दें और सुबह खाली पेट इनका सेवन करें| इससे आपको जो ऊर्जा मिलेगी वो नपुंसकता से लड़ने में मदद करेगी|

खजूर का सेवन – खजूर को नपुंसकता की सबसे उत्तम देसी दवाई माना जाता है| बेहद स्वादिष्ट लगने वाला यह खजूर आपकी शारीरिक क्षमता को बढ़ाने में विशेष मदद करता है| रोजाना दो खजूर का सेवन करने से नपुंसकता खत्म हो जाती है|

तरबूज का सेवन करें – तरबूज तो आपने कई बार खाया होगा लेकिन इसके गुणकारी फायदों से आप आज तक अनजान होंगे| तरबूज नपुंसक लोगों के रामबाण का कार्य करता है, ये शरीर में उत्तेजना के संचार को बढ़ाता है| तरबूज के मौसम में जमकर इसका सेवन करें क्यूंकि इसके परिणाम बहुत ही अच्छे मिलते हैं|

चिलगोजे का सेवन करें – चिलगोजा भी एक प्रकार का ड्राई फ़ूड है और यह कश्मीर में काफी प्रसिद्ध है| आपको बाजार में यह आसानी से मिल जायेगा अन्यथा आप इसे ऑनलाइन भी ऑर्डर कर सकते हैं| चिलगोजे का सेवन करने से नसों की शक्ति बढ़ती है और पुरुषों की यौन दुर्बलता दूर हो जाती है|

शिलाजीत का सेवन करें – शिलाजीत, समस्त प्रकार की यौन समस्याओं का इलाज करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है| शिलाजीत काले रंग का पदार्थ होता है जो पतंजलि के स्टोर पर भी आसानी से मिल जाता है| आप शिलाजीत का सेवन करें|

लहसुन का सेवन करें – आमतौर पर सब्जियों में लहसुन का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन कुछ लोगों को लहसुन पसंद नहीं होता है| अगर आप नपुंसकता के शिकार हैं तो आपको लहसुन का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए क्यूंकि लहसुन खाने वाले लोगों में कभी यौन इच्छा की कमी नहीं होती| रोजाना सुबह खाली पेट एक या दो लहसुन की कली चबाकर खाएं और ऊपर से पानी पी लें इससे आपकी समस्या का निदान हो जायेगा|

तो मित्रों इस लेख में हमने आपको नपुंसकता के बारे में विस्तार से बताया है और इससे जुड़ी सभी विशेष जानकारियों पर भी प्रकाश डाला है| हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख बहुत अधिक पसंद आएगा| आपसे विनती है कि इस लेख को अपने सोशल मिडिया पर भी शेयर करें ताकि अन्य लोग भी इसका लाभ उठा सकें| धन्यवाद!!

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