मलेरिया बुखार के लक्षण, कारण, उपचार व बचाव के तरीके

जानिए मलेरिया के लक्षण क्या हैं और मलेरिया का घरेलू इलाज कैसे करें, मलेरिया एक बेहद ख़तरनाक और जानलेवा बीमारी है जो Anopheles mosquito (मलेरिया के मच्छर) के काटने से फैलती है| जब कोई मलेरिया संक्रमित मच्छर हमें काटता है तो हमारी बॉडी में वो parasites (परजीवी) को संचरित करता है| ये parasites (परजीवी) व्यक्ति के लिवर को संक्रमित बना देते हैं और रेड ब्लड सेल्स(कोशिका) को नष्ट करते हैं|

malaria ke lakshan kya hain

मलेरिया शब्द एक इटालियन शब्द “mal’ ‘aria” से लिया गया है जिसका मीनिंग है – “Bad Air” मलेरिया के मच्छर सबसे ज़्यादा सुबह और शाम के टाइम में सक्रीय ज्यादा होते हैं|

आपको बता दें कि महान सिकंदर (Alexander) की मृत्यु भी मलेरिया से ही हुई थी| मलेरिया हमेशा मादा मच्छर के काटने से ही फैलता है| ये मादा मच्छर जब प्रेग्नेंट होती हैं तो इनको प्रोटीन की ज़रूरत होती है और इसलिए वो मानवों को काटती हैं|

कैसे फैलता है मलेरिया

जब कोई मादा Anopheles मच्छर किसी व्यक्ति को काटती हैं तो parasites व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं| शुरुआत में 4-5 दिन तक व्यक्ति को कुछ पता नहीं चलता लेकिन ये parasites अंदर ही अंदर अपनी संख्या बढ़ाते रहते हैं|

10-15 दिन में एक Parasites से हज़ारो Parasites बन जाते हैं| अब ये हमारे लिवर को खराब करने लगते हैं और लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट करने लगते हैं|

अब जब कोई नॉर्मल मच्छर जिसके अंदर मलेरिया के संक्रमण नहीं हैं और वो मलेरिया के मरीज को काटता है तो मच्छर में भी Parasites पहुँच जाते हैं और फिर जब ये मच्छर किसी दूसरे नॉर्मल इंसान को काटेगा तो उसे भी मलेरिया हो जाएगा| ऐसे ही ये एक चैन बन जाती है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक भी मलेरिया फैलने लगता है|

Symptoms of Malaria in Hindi (मलेरिया के लक्षण) –

बॉडी मे Parasites के प्रवेश होने के कुछ दिन बाद मलेरिया के लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं| मलेरिया के शुरूआती लक्षण निम्न हैं –

1. तेज फीवर आना
2. ठंड लगना
3. तेज सर दर्द
4. पूरे शरीर में दर्द
5. उल्टियां आना
6. कमज़ोरी महसूस करना
7. भूख ना लगना
8. खून की कमी हो जाना
9. ब्लड में प्लेट्लेट्स का बहुत कम हो जाना
10. बॉडी पे लाल रंग के निशान पड़ना…आदि

और भी काफ़ी लक्षण हो सकते हैं लेकिन हमने जो लक्षण बताये हैं, ये सभी मलेरिया के प्रमुख लक्षण हैं| अगर किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से मिले और मलेरिया का टेस्ट कराए|

आपको बता दे कि पूरे वर्ल्ड मे मलेरिया की बीमारी से रोजाना करीब 1000 लोगों की मौत हो जाती है| इसलिए ये लक्षण दिखाई देते ही लापरवाही ना करें क्यूंकि Parasites बहुत तेज़ी से शरीर में बढ़ते हैं जिससे आपकी मौत भी हो सकती है या पेशेंट कोमा में भी जा सकता है|

Malaria Prevention in Hindi (मलेरिया से बचने के तरीके) –

आप सभी को पता चल गया होगा कि मलेरिया कैसे फैलता है, तो आप अपने घर या ऑफिस सभी जगह ऐसा वातावरण बनायें कि मलेरिया के मच्छर पैदा ही ना हों –

1. कूलर का पानी बदलते रहें| उसमें पानी जमा ना होने दें
2. घर के आस पास गड्ढे मे पानी ना भरने दें
3. किचन में सभी बर्तनों को खाली करके उल्टा करके रखें
4. बाल्टी हो या ड्रम, घर में किसी भी चीज़ में पानी जमा ना होने दें
5. पूरी बाजू वाले कपड़े ही पहनें
6. रात को मच्छरदानी लगा कर सोयें
7. घर में कीटनाशक की छिड़काव करें
8. किसी जगह गंदगी ना जमा होने दें
9. बर्तन इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह धो लें ताकि अगर मच्छर के अंडे मौजूद हों तो वो साफ़ हो जायें
10. रात को Mosquito क्रीम और Mosquito आयल लगा कर ही सोयें

मच्छर कैसे भगायें –

हम आपको मच्छर भागने के कुछ प्राकृतिक तरीके बताते हैं –

नीम का तेल – नीम मच्छर भागने के लिए बहुत उपयोगी है| नीम के तेल में नारियल का तेल बराबर मात्रा में मिलाएं और अब इसे अपनी बॉडी पर लोशन की तरह इस्तेमाल करेंगे तो कम से कम 8 घण्टे तक आपको मच्छर नही लगेंगे|

कपूर – कपूर भी मच्छर भागने में हेल्प करता है| रात को सोने के 20 मिनट पहले रूम में कपूर जला कर छोड़ दें और सभी खिड़की दरवाजे बंद कर दें| इससे रूम मे मच्छर खत्म हो जाते हैं|

तुलसी – जिस घर में तुलसी का पौधा लगा होता है, वहां बीमारियां नहीं आती| ऐसा हमारे वेदो में भी माना गया है, अपने रूम की खिड़की के बाहर एक तुलसी का पौधा ज़रूर लगाएँ| तुलसी मच्छर को भगाने मे मदद करता है|

पुदीना – पुदीने का तेल मच्छर दूर भागने में मदद करता है| पुदीने के तेल को आप लोशन की तरह बॉडी पर भी लगा सकते हैं| पुदीने के पौधे को रूम की खिड़की के पास रखने से भी मच्छर दूर भागते हैं|

घर के आस पास पेड़ लगाएं – बहुत सारे लोग ये मानते हैं कि पेड़ और पौधों से मच्छर बढ़ते हैं लेकिन ऐसा नहीं है| आप अपने घर में सही प्रकार का पौधा लगाइए जैसे नीम, तुलसी, पुदीना, गेंदा आदि क्यूंकि ये सब आपके वातावरण को मच्छरों से मुक्त रखेंगे|

मलेरिया के इलाज के लिए घरेलू उपचार –

नींबू (लेमन) – मलेरिया के मरीज को थोड़े से गर्म पानी मे नींबू का रस मिलकर पिलायें, इससे बुखार कुछ कम होगा|

तुलसी – तुलसी के पत्ते का रस लें और उसमे थोड़ी सी काली मिर्च का पाउडर मिलाकर मरीज को खिलायें| इससे मलेरिया के फीवर में आराम मिलेगा|

शहद – एक ग्लास पानी लें| उसमें एक चम्मच दाल चीनी लें और उसमें एक चम्मच शहद और आधा चम्मच काली मिर्च का पाउडर मिलायें| इसे गर्म करें और ठंडा होने पर मरीज को पिलायें, इससे मरीज को लाभ होगा|

सॉलिड फ़ूड ना खायें – मलेरिया के मरीज को सॉलिड फूड (अन्न) ज़्यादा नहीं खाना चाहिए| फल खायें और पानी ज़्यादा से ज़्यादा पियें|

सिर पर पट्टी रखें – मलेरिया में मरीज को बहुत तेज बुखार हो जाता है| इसके लिए मरीज के सिर पर ठंडी पट्टी रखें, इससे बॉडी का तापमान संतुलित होता है और बुखार में राहत मिलती है|

मित्रों इस लेख में हमने विस्तार से मलेरिया के लक्षण और उससे बचने के तरीकों के बारे में बताया है| हमने कई जगह से जानकारियां इकट्ठी करके आपको सही जानकारी देने की कोशिश की है और हमें उम्मीद है कि आप हमारी जानकारी से पूरी तरह संतुष्ट होंगे| अगर आपका कोई सवाल है तो कॉमेंट में ज़रूर लिखे| धन्यवाद!!!

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