ये हैं हृदय रोग के लक्षण, पहचान और 10 बड़े कारण

35 से 40 वर्ष की उम्र के बाद लोगों में हृदय रोग के लक्षण प्रायः दिखने शुरू हो जाते हैं| आंकड़ों के अनुसार, 80 प्रतिशत लोग हृदय रोग के लक्षणों को गैस आदि का दर्द मानकर नजरअंदाज कर देते हैं तथा लोग अस्पताल तभी जाते हैं जब रोग बहुत गंभीर हो चुका होता है| इसीलिए सभी लोगों को हृदय रोग के लक्षण और इसकी पहचान के बारे में जरूर पता होना चाहिए|

Heart Disease Symptoms in Hindi

हृदय रोग क्या है

हृदय, जिसे अंग्रेजी में हार्ट और आम भाषा में दिल भी कहा जाता है| हृदय पूरे शरीर में रक्त को पम्प करके सभी अंगों तक रक्त को पहुंचाता है, हमारा हृदय हर समय अपना कार्य करता रहता है अर्थात जब तक व्यक्ति जीवित है तब तक हृदय एक सेकेण्ड भी आराम नहीं करता और हर पल रक्त भेजने का कार्य करता रहता है|

अतः हृदय हमारे शरीर के सबसे मुख्य अंगों में से एक है| जब व्यक्ति के शरीर की रक्त वाहनियाँ किसी वजह से अवरुद्ध हो जाती हैं तो रक्त के आवागमन में दिक्कत होने लगती है| ऐसे में हृदय अपनी गति को तेज करने की कोशिश करता है| अगर रक्त धमनियों में कोई ब्लॉकेज है तो उनमें रक्त का दबाब बढ़ने लगता है और हृदय पर बहुत अधिक प्रेशर पड़ने लगता है| इस स्थिति में हृदय कार्य करना भी बंद कर सकता है|

इस स्थिति को हार्ट अटैक, दिल का दौरा भी कहा जाता है| इसके अलावा उच्च या निम्न रक्त चाप, दिल का कमजोर होना ये सब भी हृदय रोग के अंर्तगत आते हैं|

हृदय रोग का कारण

पुराने समय में हृदय सम्बन्धी समस्याएं केवल 50 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को ही होतीं थी परन्तु आज के समय में 25 से 30 वर्ष की आयु के युवा भी हार्ट अटैक, हाई बीपी जैसी समस्याओं से घिरे नजर आते हैं| हृदय रोगों का इलाज करने के लिए सबसे पहले आपको इन कारणों को जानना होगा जिनकी वजह से हृदय रोग आज इतनी तेजी से भारत में बढ़ रहा है –

धूम्रपान की अधिकता – लोगों के धूम्रपान करने का आंकड़ा प्रति वर्ष बढ़ता ही जा रहा है| कुछ लोग धूम्रपान या नशा करने के आदी हो चुके हैं तो वहीँ कुछ लोग केवल दोस्तों के साथ शौक पूरा करने के लिए ही धूम्रपान करने लगते हैं| यह हृदय रोगों के बढ़ने का बहुत बड़ा कारण है|

पैदल ना चलना – पहले लोगों के पास साधन कम थे तो वह पैदल यात्रा बहुत किया करते थे लेकिन आज के समय में लोगों ने पैदल चलना लगभग बंद ही कर दिया है| अब सभी के पास वाहन हैं लेकिन पैदल ना चलने से लोगों का हृदय भी कमजोर होता जा रहा है|

मोटापा बढ़ना – आजकल बच्चे बचपन से ही मोटे और फूले नजर आते हैं| हो सकता है माँ बाप को ऐसे गोल मोल बच्चे दिखने में अच्छे लगते हों परन्तु सच तो यही है कि आपका बच्चा स्वस्थ नहीं है| मोटापा बहुत खतरनाक बिमारी है, यह व्यक्ति को कम उम्र में भी हृदय रोगी बना देती है|

व्यायाम ना करना – आप देखिये कि आज समाज में जितनी सुविधाएँ बढ़ती जा रहीं हैं, उतनी ही बीमारियां भी बढ़ती जा रही हैं| पुराने समय में बच्चे दिनभर खेलते नहीं थकते थे लेकिन आज के बच्चे केवल वीडियो गेम ही खेलते हैं अर्थात बचपन से ही परिश्रम करना बंद हो चुका है| युवा वर्ग के लोग भी दिनभर ऑफिस में काम करते हैं और व्यायाम के लिए किसी के पास समय ही नहीं है| इसीलिए आज हृदय रोग इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं|

ख़राब खानपान – फल और हरी सब्जियों का सेवन करना लोगों को पसंद ही नहीं है| आज के समय में पिज्जा, बर्गर, मोमोज, समोसा ये सभी चीज़ें लोगों की फेवरेट लिस्ट में है| हम सभी बचपन से ही इतना अधिक फैटी खाना खाते हैं कि बचपन से ही हमारी धमनियों में फैट जमा होने लगता है और आगे चलकर यही फैट आपकी रक्त वाहनियों को ब्लॉक कर देता है|

टेंशन बढ़ना – आज हर व्यक्ति तनाव में जी रहा है| सभी के पास अपनी निजी समस्या है जिसकी वजह से वः हर वक्त तनाव में रहता है| काफी सारे युवाओं को कम उम्र में ही डिप्रेशन की शिकायत रहती है इसका सीधा प्रभाव आपके हृदय पर पड़ता है|

दवाइयों का अधिक सेवन – आधुनिक समय में किसी भी व्यक्ति को सब्र नहीं है| थोड़ी सी भी परेशानी होते ही लोग दवाइयों का सेवन करने लगते हैं| आजकल कई लोग तो दवाइयां साथ लेकर चलते हैं और दिन भर में ना जाने कितनी दवाइयों का सेवन रोजाना करते हैं| इस दवाइयों का सीधा असर आपके शरीर के हृदय पर भी पड़ता है|

कोलस्ट्रोल का बढ़ना – लोग आज कल रिफाइंड का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं| यह रिफाइंड आपके शरीर में कोलस्ट्रोल की मात्रा को बढ़ा देता है जिससे आपकी धमनियां ब्लॉक हो सकती हैं| गाँव में आज भी लोग डालडा घी का खूब इस्तेमाल करते हैं यह भी आपके कोलस्ट्रोल के लिए खतरनाक है और हृदय रोगों को जन्म देता है|

डायबिटीज की बीमारी होना – जितनी तेजी से आज लोगों में डायबिटीज की बीमारी बढ़ रही है, ठीक उतनी ही तेजी से हृदय की समस्या भी बढ़ रही है| डायबिटीज का सीधा असर हृदय पर पड़ता है| अधिकतर डायबिटीज के पेशेंट हृदय रोगों क शिकार हो ही जाते हैं|

हृदय रोग के मुख्य लक्षण

आमतौर पर लोगों में हृदय रोग के कोई बाह्य लक्षण दिखाई नहीं देते परन्तु व्यक्ति अगर महसूस करे तो हृदय रोग का पता चल सकता है| बहुत बार यह संज्ञान में आता है कि रोगी हृदय में उठे दर्द को कब्ज का दर्द समझकर नजरअंदाज कर बैठते हैं लेकिन यह आगे चलकर गंभीर बीमारी का रुप ले लेता है| आइये जानें हृदय रोग के लक्षण क्या हैं –

सीने के बीचों बीच दर्द

रोगी को सीने के बीचों बीच में मुठ्ठी के बराबर दर्द होता है और यह दर्द धीरे- धीरे सीने के बायीं ओर जाने लगता है| कई बार यह दर्द दायीं ओर भी जा सकता है, गर्दन की ओर भी जा सकता है अथवा कमर की ओर भी जा सकता है| व्यक्ति को तेज पसीना आने लगता है ऐसे में तुरंत डॉक्टर से मिलें|

सीने में बायीं ओर दर्द होना

किसी बात से परेशान या इमोशनल होने पर व्यक्ति के सीने में बायीं ओर भयंकर दर्द दर्द होने लगता है| ऐसा लगता है जैसे हृदय पर कोई बोझ रख दिया हो, सांस आने में तकलीफ होने लगती है और शरीर से पसीना निकलने लगता है| यह हृदय रोग का बड़ा लक्षण है|

बिना वजह सांस फूल जाना

कई लोगों को थोड़ा सा चलने से ही सांस फूलने लगता है और ऐसा लगता है जैसे दिल पर जोर पड़ रहा हो| थोड़ा चलने में ही पूरा शरीर थक जाता है और पसीना आने लगता है ये भी हृदय रोग का ही लक्षण है|

पसीना अधिक आना

यूं तो पसीना कई कारणों से आ सकता है| लेकिन हृदय रोग में व्यक्ति को बिना वजह पसीना आता है, कभी कभी सीने में हल्का दर्द भी होता है और कुछ ही समय में बंद हो जाता है| ये सभी हृदय रोग के लक्षण हैं|

सांस ना आना

कई बार रोगी को बिना वजह घबराहट महसूस होने लगती है और सांस आने में तकलीफ होने लगती है| ऐसा लगता है जैसे हृदय की गति अनियमित होती है, ऐसे समय में फौरन सावधान हो जाएँ अपनी डॉक्टरी जांच करायें|

ध्यान दें, कई बार सीने में दर्द उठता है और कुछ समय बाद यह ठीक भी हो जाता है| लोग इसको नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन यह दर्द हृदय से जुड़ा अर्थात मिनी हार्ट अटैक हो सकता है|

हृदय रोग है तो बरतें यह सावधानियां

1. सुबह दौड़ना शुरू करें
2. भरपूर पानी का सेवन करें
3. रक्तचाप नियमित चेक कराते रहें
4. शुगर की समय- समय पर जांच कराएं
5. खाने में हरी सब्जियां और फल शामिल करें
6. अधिक तैलीय खाने का इस्तेमाल बंद करें
7. रिफाइंड और डालडा घी का इस्तेमाल ना करें
8. फ़ास्ट फ़ूड का सेवन कम करें
9. रोजाना कुछ किलोमीटर पैदल चलें
10. बच्चों को शारीरिक खेल सिखाएं
11. नित्य व्यायाम करना शुरू करें…

तो मित्रों, इस लेख में हमने आपको हृदय रोगों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है और हृदय रोग से सम्बंधित हर प्रकार की जानकारी पर भी प्रकाश डाला है| हमें पूरी उम्मीद है कि आपको हमारा यह लेख बहुत पसंद आएगा और आपके लिए लाभकारी भी सिद्ध होगा| इस लेख को अपने सोशल मिडिया पर भी शेयर करें ताकि अन्य सभी लोग भी इसका लाभ उठा सकें| धन्यवाद!!

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