(लूस मोशन) दस्त रोकने के उपाय, इलाज और देसी घरेलू दवा

पतले दस्त रोकने के उपाय, घरेलू दवा एवं लूस मोशन का उपचार

छोटे बच्चे पतले दस्त होने की समस्या से बहुत अधिक परेशान रहते हैं| दस्त बच्चों को ही नहीं बल्कि किसी भी आयु के व्यक्ति को हो सकते हैं| दस्त में रोगी को बार बार मल त्यागने जाना पड़ता है| अगर दस्त का जल्दी इलाज ना किया जाये तो व्यक्ति का शरीर बहुत अधिक कमजोर हो जाता है क्यूंकि दस्त होने पर शरीर में पानी की भारी कमी हो जाती है|

Loose Motion Dast Ka Ilaj

दस्त हो सकते हैं “जानलेवा”

दस्त को डायरिया भी कहा जाता है| रोगी के दस्त अगर दो तीन दिन ना रुकें तो उसकी हालत गंभीर हो सकती है| शरीर में बहुत अधिक कमजोरी हो जाती है, कई लोगों को ग्लूकोज की बोतलें चढ़वानी पड़ती हैं| अगर दस्त पर काबू ना पाया जाये तो रोगी की जान भी जा सकती है| कई केसों में ऐसा हो भी चुका है इसलिए दस्त होने पर तुरंत इसका इलाज करें|

दस्त होने के कारण

हर व्यक्ति को जीवन में कभी ना कभी दस्त की समस्या का सामना करना पड़ता ही है| दरअसल, दस्त हो जाना पाचन तंत्र में खराबी की ओर इशारा करता है| अक्सर ख़राब खाना खाने, लू लगने या अधिक गर्मी की वजह से पाचन क्रिया असंतुलित हो जाती है जिसे कारण व्यक्ति को पतले दस्त होने लगते हैं| दस्त होने के कुछ मुख्य कारण इस प्रकार हैं –

1. अत्यधिक गर्मी में रहना
2. लू लगना
3. पाचन तंत्र में खराबी
4. ज्यादा तैलीय भोजन करना
5. बहुत मसालेदार भोजन का सेवन
6. बच्चों के दांत निकलते समय
7. तबियत खराब होना
8. पेट में कीड़े या संक्रमण होना
9. किसी दवाई का रिएक्शन होना
10. अपच हो जाना
11. जंक अथवा फ़ास्ट फ़ूड का सेवन
12. गर्म मसालों का अधिक सेवन

इन सभी कारणों से व्यक्ति को दस्त होने लगते हैं| शुरुआत में यह सामान्य लगता है परन्तु बार- बार पतले दस्त आने पर रोगी की गुदा से रक्त का स्राव भी होने लगता है ऐसे में शरीर में रक्त की कमी भी हो सकती है| ऐसी स्थिति में डॉक्टर से फ़ौरन मिलकर अपनी जांच कराएं|

दस्त का घरेलू इलाज

दस्त, एक ऐसी समस्या है जो व्यक्ति को कभी भी हो सकती है| सोचिये अगर आपको या आपके बच्चों को रात में अचानक दस्त हो जाएँ तो आप क्या करेंगे? दस्त का इलाज करने के लिए आपको फ़ौरन की किसी डॉक्टर के पास भागने की जरुरत नहीं है, क्यूंकि आपकी रसोई में ही दस्त की सबसे अच्छी दवाइयां मौजूद हैं| तो आइये जानें क्या हैं दस्त की घरेलू दवा –

चावल का माढ करता है दस्त का इलाज

चावल में बहुत अधिक मात्रा में फैट होता है और जितना फैट चावल में है उतना ही उसके पानी अर्थात माढ में होता है| चावल के माढ में दूध जैसी शक्ति होती है और हजारों गरीब लोग आज भी माढ पीकर ही अपना पेट भरते हैं|

माढ कैसे बनायें – आज के समय में चावल को कूकर में उबाला जाता है परन्तु पुराने समय में चावल को भगौना, पतीला, कढाई या हंडिया में बनाया जाता था| इस बर्तनों में चावल उबालते समय पानी की मात्रा थोड़ी ज्यादा रखी जाती थी ताकि चावल ठीक प्रकार से उबल जाये| चावल के उबलने के बाद, उन चावलों को पानी से छान लिया जाता था| अब जो यह उबले चावलों का पानी बच जाता है इसी को माढ कहते हैं| इसे पीने से कई लाभ होते हैं और चावल का यही पानी दस्त का भी इलाज करता है|

एक गिलास ताजा बने चावल के माढ में एक चुटकी पीसी हुई हींग मिलाएं, अब इसमें आधा चम्मच काला नमक मिला लें| अब इन चम्मच से सब कुछ अच्छे से मिक्स कर लें, अब यह घोल आपके लिए दस्त की औषधि के रुप में कार्य करेगा| इस माढ को सुबह, शाम दोनों समय सेवन करें, आपको दस्त में फ़ौरन आराम मिलेगा|

“जीरा” है दस्त का सबसे अच्छा उपचार

जीरा पेट की हर प्रकार की समस्या के लिए लाभकारी है| चाहे एसिडिटी हो, दस्त हो, हजम बिगड़ गया हो, पेट में मरोड़ हो या दर्द हो अर्थात पेट से जुड़ी हर प्रकार की समस्या का समाधान करता है “जीरा” |

आधा चम्मच जीरा चबा- चबा कर खाएं और पीछे से आधा गिलास गुनगुना पानी पी लें| भयंकर तेज दस्त भी जीरे के इस उपयोग से ठीक हो जाता है| जीरा आपसे खाया नहीं जा रहा तो इसका चूर्ण बना लें और पानी में डालकर पी लें इससे भी फ़ौरन लाभ होगा| और सबसे ख़ास बात यह है कि आपको एक खुराक खाने के बाद, दूसरी खुराक खाने की जरुरत ही नहीं पड़ेगी| अगर जीरा दोबारा खाना भी है तो कुछ घंटे का गैप देकर खाएं|

श्री राजीव दीक्षित जी द्वारा बताया गया यह नुस्खा लाखों लोगों के द्वारा अपनाया हुआ है और दस्त होने पर इसे जरुर इस्तेमाल करें क्यूंकि इससे निश्चित ही आपको लाभ होगा|

कच्चा दूध दस्त में होता है लाभदायक

अगर दस्त हो जाये तो व्यक्ति को दूध का सेवन नहीं करना चाहिए क्यूंकि दूध दस्त को रोकता नहीं बल्कि बढ़ा देता है| लेकिन गाय के कच्चे दूध में दस्त से लड़ने की शक्ति होती है|

आधा कप ताजा कच्चा गाय का दूध लें और उसमें आधा नींबू का रस निचोड़ लें| अब जल्दी से इस दूध को पी जायें क्यूंकि नींबू का रस डालते ही दूध फटना शुरू हो जाता है और आपको दूध के फटने से पहले इसको पी लेना है| इससे आपके दस्त तुरंत बंद हो जायेंगे|

बेलपत्र का गूदा दस्त रोकने में है सहायक

गर्मियों में बेलपत्र का फल काफी आने लगता है| घरों में आप अक्सर बेलपत्र खाते भी होंगे, बेलपत्र के अंदर का जो गूदा है इसकी तासीर ठंडी होती है और यह दस्त को रोकने में बहुत लाभदायक सिद्ध होता है|

दस्त होने पर रोगी को बेलपत्र का गूदा निकालकर खिलायें, आप चाहें तो बेलपत्र के जूस का भी सेवन कर सकते हैं| दोनों ही चीज़ें आपके लिए फायदेमंद साबित होंगी|

दस्त रोके के लिए करें दही का सेवन

दही को पेट की सभी बिमारियों में बेहद अच्छा माना जाता है| दही में लैक्टिक एसिड होता है जो हमारी पाचन क्रिया को सुगम बनाता है साथ ही पाचन तंत्र को मजबूत भी बनाता है|

दस्त होने पर रोगी को एक कटोरी दही में थोड़ा सा काला नमक मिलाकर इसका सेवन करायें| आप दही में भुना हुआ जीरा डालकर भी खा सकते हैं इससे भी आपको लाभ होगा|

चावल का सेवन अधिक करें

चावल में स्टार्च बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है| दस्त होने पर चावल का सेवन करना लाभकारी होता है| रोगी को रोटी सब्जी खिलाने की बजाय चावल का सेवन कराएं| चावल में दही मिलाकर भी खा सकते हैं यह भी बहुत लाभदायक सिद्ध होगा|

पानी का भरपूर सेवन करें

दस्त के समय रोगी के शरीर में पानी की बहुत अधिक कमी हो जाती है| इसलिए पानी पीना अच्छा लग रहा हो या नहीं, लेकिन थोड़ा- थोड़ा पानी पीते जरूर रहिये अन्यथा आपकी स्थिति गंभीर हो सकती है| दस्त के रोगी को डिहाइड्रेशन की समस्या होने लगती है जिसके कारण अन्य अंगों को भी कार्य करने में परेशानी हो सकती है इसीलिए पानी भरपूर पियें|

केले का सेवन करें

केला आसानी से पचने वाला फल है और पाचन तंत्र की गड़बड़ी को ठीक करने में भी सहायक होता है| दस्त होने पर रोगी को दिन में चार से पांच केले जरूर खाने चाहिए| हो सके तो केले को छोटे छोटे टुकड़ों में काटकर दही में मिला लें और इस दही का सेवन करें| दही आपको शरीर में पानी की कमी को पूरा करेगी और केला आपको शक्ति प्रदान करेगा और दस्त से लड़ने में मदद करेगा|

अदरक से करें बच्चों के दस्त का इलाज

छोटे बच्चों को दस्त हो जायें तो अदरक का सेवन करना बहुत लाभकारी होता है| अदरक को बहुत छोटे- छोटे टुकड़ों में काट लें, अब इन टुकड़ों को शहद में भिगोकर बच्चे को खिलाएं, इससे बच्चे के दस्त बंद हो जायेंगे| अगर शहद उपलब्ध ना हो तो दही में अदरक मिलाकर बच्चों को खिला दें| बच्चा अगर अदरक चबा पाने में असमर्थ है तो अदरक का रस निकालकर बच्चों को पिलाएं|

इसबगोल की भूसी का सेवन करें

इसबगोल की भूसी भी दस्त को रोकने में सहायक होती है| यह भूसी आपको बाजार में किसी भी पंसारी की दुकान पर आसानी से मिल जायेगी| इसबगोल की भूसी की भूसी को दही में मिलाकर इसका सेवन करने से पतले दस्त की समस्या से छुटकारा मिल जाता है|

दस्त होने पर सावधानियां

दस्त होने पर रोगी को पेट में दुखन, मरोड़े उठना और शरीर में निर्जलीकरण का अनुभव होता है| दस्त के समय रोगी को ये कुछ जरुरी सावधानियां बरतनी चाहिए –

1. हर बार दस्त के बाद शौचालय साफ़ करें
2. शौच के बाद हाथ अच्छी तरह से धोयें
3. खुद को साफ़ और कीटाणुरहित रखें
4. दस्त के रोगी का तौलिया दूसरे लोग इस्तेमाल ना करें
5. घूंट- घूंट करके पानी पीते रहें
6. शुद्ध शाकाहारी भोजन ही खाएं
7. पानी को उबालकर पीने की कोशिश करें
8. भोजन हल्का और कम मसालेदार ही लें
9. शौचालय को साफ़ रखें तथा मक्खियां ना बैठने दें
10. इस्तेमाल किये हुए बर्तनों को अच्छी तरह से धोएं
11. बच्चों को गन्दा पानी पीने से रोकें

क्या आपको पता है कि दस्त होने की वजह से हर साल 7 लाख से अधिक बच्चों की मौत हो जाती है इसलिए दस्त होने पर सावधानियां जरूर बरतें क्यूंकि आपकी सुरक्षा पूरी तरह आपके ही हाथ में है|

तो मित्रों इस लेख में हमने आपको दस्त, डायरिया अथवा लूस मोशन से लड़ने की घरेलू औषधियों के बारे में बताया है| हमें उम्मीद है कि आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी अच्छी लगी होगी| आपसे निवेदन है कि इस लेख को अपने सोशल मिडिया पर भी शेयर करें ताकि अन्य लोग भी इसका लाभ उठा सकें| धन्यवाद!!

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